सिकल सेल एनीमिया क्या है?
हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं का वह प्रोटीन है जो शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाता है। सिकल सेल में हीमोग्लोबिन के जीन में एक बदलाव (HbS) होता है। ऑक्सीजन कम होने पर लाल कोशिकाएँ सख़्त होकर हँसिए (सिकल) जैसी मुड़ जाती हैं, छोटी नसों में अटकती हैं और जल्दी टूट जाती हैं।
- सिकल सेल ट्रेट (HbAS): एक बदला हुआ जीन। व्यक्ति वाहक है, आमतौर पर पूरी तरह स्वस्थ, और अक्सर उसे पता भी नहीं होता।
- सिकल सेल रोग (HbSS, या HbS के साथ बीटा-थैलेसीमिया): दोनों जीन बदले हुए। यही बीमारी है।
सिकल सेल एनीमिया के लक्षण
- खून की कमी, थकान और कमज़ोरी
- हड्डियों, जोड़ों, सीने या पेट में अचानक तेज़ दर्द के दौरे
- बार-बार संक्रमण
- आँखों और त्वचा में पीलापन
- छोटे बच्चों में हाथ-पैर में दर्द भरी सूजन
- कुछ लोगों में स्ट्रोक या अंगों को नुकसान
भारत में मिलने वाले सिकल सेल के साथ अक्सर फ़ीटल हीमोग्लोबिन (HbF) ज़्यादा होता है, जिससे बीमारी औसतन कुछ हल्की हो सकती है। फिर भी यह कई लोगों में गंभीर होती है, और बहुत-से लोगों की पहचान देर से होती है।
भारत में यह कहाँ आम है?
आदिवासी समुदायों में अलग-अलग समूहों में 1% से 40% तक लोग सिकल सेल के वाहक हैं। यह सबसे ज़्यादा मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड), गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों, और दक्षिण के कुछ इलाकों, जैसे नीलगिरि और वायनाड, में मिलता है। कुछ गैर-आदिवासी समुदायों में भी यह पाया जाता है।
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन
जुलाई 2023 में शुरू हुए इस मिशन का लक्ष्य 17 राज्यों में 40 साल तक के लगभग 7 करोड़ लोगों की जाँच करना और 2047 तक सिकल सेल रोग को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में ख़त्म करना है। जुलाई 2025 तक 6 करोड़ से ज़्यादा लोगों की जाँच हो चुकी थी, जिनमें लगभग 2.15 लाख लोगों में बीमारी और लगभग 16.7 लाख लोगों में ट्रेट मिला।
जाँच के बाद लोगों को उनकी स्थिति बताने वाला कार्ड मिलता है, और जोड़ों को शादी से पहले ये कार्ड मिलाने की सलाह दी जाती है। अगर आपकी जाँच नहीं हुई है, तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पूछें या किसी लैब में जाँच कराएँ।
जाँच कैसे होती है?
- सॉल्युबिलिटी टेस्ट: सस्ती स्क्रीनिंग, जो बताती है कि HbS है या नहीं। ट्रेट और रोग में फ़र्क नहीं कर सकती।
- रैपिड कार्ड टेस्ट: मिशन में इस्तेमाल होने वाली जल्दी जाँच, जो वाहक और रोगी में फ़र्क कर सकती है।
- Hb HPLC: पुष्टि करता है और साथ में थैलेसीमिया ट्रेट, HbE और HbD भी दिखाता है। HPLC रिपोर्ट कैसे पढ़ें
शादी से पहले जाँच करा रहे हैं, तो Hb HPLC माँगें: एक जाँच में सिकल सेल और थैलेसीमिया दोनों।
पति-पत्नी के लिए इसका मतलब
| साथी 1 | साथी 2 | हर गर्भावस्था में |
|---|---|---|
| सिकल सेल ट्रेट | वाहक नहीं | सिकल सेल रोग नहीं। 2 में से 1 संभावना कि बच्चा वाहक हो |
| सिकल सेल ट्रेट | सिकल सेल ट्रेट | 4 में से 1 संभावना सिकल सेल रोग की |
| सिकल सेल ट्रेट | बीटा-थैलेसीमिया ट्रेट | 4 में से 1 संभावना सिकल बीटा-थैलेसीमिया की |
दो वाहक भी शादी कर सकते हैं और उनके स्वस्थ बच्चे हो सकते हैं। पहले से पता हो तो जेनेटिक काउंसलर से मिल सकते हैं, गर्भावस्था की शुरुआत में जाँच करा सकते हैं, या IVF के साथ भ्रूण की जाँच पर विचार कर सकते हैं।
इलाज
जल्दी पहचान, टीके, फ़ोलिक एसिड, हाइड्रॉक्सीयूरिया और नियमित देखभाल से बहुत-से लोग लंबा और भरपूर जीवन जीते हैं। कुछ बच्चों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट से यह ठीक हो सकता है। नई जीन थेरेपी कुछ देशों में मंज़ूर हुई हैं, पर बहुत महंगी हैं। ज़्यादातर परिवारों के लिए जाँच से बचाव ही सबसे व्यावहारिक कदम है।
यह सामान्य जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं। जाँच और इलाज के बारे में डॉक्टर से बात करें।